सभि पेड ग्रुपकि जानकारी - दंतकाली तंत्र शक्ति साधना संस्थान ®


दंतकाली तंत्र शक्ति साधना संस्थान ® में आपका स्वागत है।


सभी साधकों को नमस्कार,


अब तक हम सबको एक ही ढर्रे पर, एक ही तरीके से साधना कराई जा रही थी। क्याेकि सभि नए साधक थे, बेसिख साधना कि जानकारी नहि थि, अब लगभग साधक बेसिख सिखचुके हाेङ्गे, ईसिलिए आगे से मैं आप सबको आपकी वर्तमान स्थिति, आपकी व्यक्तिगत इच्छा और जिस‑जिस विद्या के ग्रुप में आप सच‑मुच आगे बढ़ना चाहते हैं, उसके अनुसार अलग‑अलग साधना‑मार्गदर्शन दूँगा।


1. अपनी साधना की वर्तमान स्थिति लिखें


कृपया मुझे अलग से मैसेज करके ये बातें स्पष्ट रूप से लिखकर भेजें: 


1) मन‑एकाग्रता / ध्यान साधना  

  • - आपने अब तक कौन‑कौन सी मन‑एकाग्रता या ध्यान साधनाएँ की हैं?  
  • - कितने अनुष्ठान पूरे किए हैं (लगभग पूरा संख्या पुरी जानकारी के साथ लिखें)?


2) इष्ट‑देवता की साधना  

  • - अपनी इष्ट‑देवता का नाम स्पष्ट लिखें।  
  • - जीवन में इष्ट‑साधना आपने कितनी बार की है – 1 बार, 2 बार, 3 बार या उससे अधिक?  
  • - कुल लगभग कितने अनुष्ठान किए होंगे?


3) जप‑माला और आसन क्षमता  

  • - प्रतिदिन आप लगभग कितने मंत्र‑जप कर लेते हैं?  
  • - लगातार कितने मिनट या कितने घंटे आप स्थिर आसन में बैठ सकते हैं?  
  • - आपका आसन कैसा है – सहज व दृढ़, या बार‑बार हिलना‑डुलना पड़ता है?


आप जितना साफ़ और सच्चा विवरण देंगे, आपके लिए उतनी ही सही साधना चुनी जा सकेगी।


2. अपनी पहली और मुख्य इच्छा लिखें


हर साधक सबसे पहले अपनी एक मुख्य इच्छा लिखकर भेजे:


- इस साधना‑मार्ग के माध्यम से आप सबसे पहले क्या प्राप्त करना चाहते हैं?  

  •   - धन‑वृद्धि?  
  •   - मान‑सम्मान और प्रतिष्ठा?  
  •   - कलाज्ञान / दरबार‑साधना / इलाज‑उतारा / काला जादू / तिलस्मी विद्या?  
  •   - वंश‑वृद्धि और भाग्यशाली संतान?  
  •   - सवयंसिद्ध बिद्या 
  •   - शत्रु मारण बिद्या 
  •   - आध्यात्मिक शांति और inner transformation?  


पहले अपना प्रमुख लक्ष्य तय कीजिए, फिर मैं उसी लक्ष्य के अनुसार आपको व्यावहारिक मार्गदर्शन दूँगा।


3. साधना से फल कैसे और कब मिलते हैं


जिन साधकों ने पहले से इष्ट‑साधना, जप, ध्यान आदि के 2–4 या अधिक अनुष्ठान व्यवस्थित रूप से किए हैं, उन्हें अगली ऊँची विद्याओं में तेज़ प्रगति हो सकती है।


जिन्होंने अभी तक इष्ट‑देवता से कोई वास्तविक संबंध नहीं जोड़ा, कोई साधना नियमित नहीं की, उनके लिए पहली सफलता तक पहुँचने में ज़्यादा समय, ज़्यादा अनुशासन और अधिक तपस्या लग सकती है।


धनलक्ष्मी या धन‑संबंधित साधनाएँ “तुरंत करोड़पति बना देने वाला चमत्कार” नहीं हैं; धन साधना का फल भी आपके कर्मों और प्रयासों के माध्यम से ही आता है।


कलाज्ञान या किसी भी उच्च विद्या के लिए यह समझ लें कि:  

आज साधना, परसों सिद्धि – ऐसी कोई हवा नहीं है; कम से कम 1–3 वर्ष तक नियमितता, संयम और तप रखना ही पड़ेगा।



4. उपलब्ध विशेष ग्रुप और विद्याएँ


अब संक्षेप में उन मुख्य ग्रुपों का परिचय, जिनमें आप अपनी इच्छा के अनुसार जुड़ सकते हैं:


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mahakalitantra.blogspot.com


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बंशबृद्धि ग्रुप

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वंशवृद्धि ग्रुप की पूरी जानकारी हेतु यहाँ क्लिक करें।।।

इस ग्रुप के माध्यम से आप अपने वंश को सशक्त और सात्विक बनाने की साधनाएँ सीखेंगे – कैसे सही तरीके से family planning हो, कौन से कर्म और साधना से योग्य, आज्ञाकारी, कुल‑मर्यादा रखने वाले और भाग्यशाली बच्चे जन्म लें। वंश विद्या का उद्देश्य ऐसे पुत्र‑पुत्री की प्राप्ति है जो माता‑पिता की सेवा करने वाले हों, कुल की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले हों और स्वयं भी सुखी‑समृद्ध जीवन जी सकें।


सट्टा साधना ग्रुप

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सट्टा ससाधना ग्रुप की पूरी जानकारी हेतु यहाँ क्लिक करें।।।

इस ग्रुप के माध्यम से भारत में प्रचलित विभिन्न सट्टा‑व्यवस्थाओं से संबंधित नंबर‑ज्ञान करने कि तकनिकी जानकारी और साधना‑प्रक्रियाएँ दी जाएँगी, ताकि साधक अपनी धन‑कमी को संतुलित करने का प्रयास कर सके। इसमें कई तरह की साधनाएँ और तांत्रिक विधियाँ होंगी, जिनके माध्यम से आप क्रमबद्ध रूप से लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं; साथ ही जोखिम, संयम और नैतिकता की समझ भी दी जाएगी।



पाताल बिद्या

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पाताल बिद्या साधना ग्रुप की पूरी जानकारी हेतु यहाँ क्लिक करें।।।

पाताल विद्या के माध्यम से आप जमीन में दबे हुए धन – चाहे वह पूर्वजों द्वारा रखा गया हो या तांत्रिक विधि से कहीं गाड़ा गया हो – उसकी जाँच, संकेत और सुरक्षा से संबंधित ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। यह विद्या केवल “एक ही मंत्र” से नहीं चलती, बल्कि कई चरणों – स्थान की जाँच, सुरक्षा‑कवच, नकारात्मक शक्तियों की शांति, शुद्धिकरण आदि – की पूर्ण प्रक्रिया के रूप में सिखाई जाती है।


लक्ष्मी तंत्र पेड ग्रुप

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लक्ष्मी तंत्र साधना ग्रुप की पूरी जानकारी हेतु यहाँ क्लिक करें।।।

इस ग्रुप में आपको केवल धन से संबंधित साधनाएँ दी जाएँगी – व्यापार, व्यवसाय, नौकरी, नए धंधे की शुरुआत, अटकी हुई प्रगति आदि से जुड़े प्रयोग। यहाँ विविध प्रकार के लक्ष्मी‑तांत्रिक उपाय, हवन, यंत्र, जप और अनुशासन बताए जाएँगे, ताकि साधक धन‑क्षेत्र में अपना भविष्य अधिक स्थिर और सुनियोजित बना सके।


आयुर्वेदिक दवा पेड ग्रुप 

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आयुर्वेदिक दवा पेड साधना ग्रुप की पूरी जानकारी हेतु यहाँ क्लिक करें।।।

इस ग्रुप में आप कई प्रकार की औषधियों और जड़ी‑बूटियों का ज्ञान प्राप्त करेंगे – कौन‑सी जड़ी किस रोग में, किस मात्रा में, किस प्रकार देनी है। रोग की प्रकृति, दवा की प्रकृति, मात्रा‑निर्धारण, सेवन‑विधि और परहेज़ आदि की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी, ताकि आप अपने परिवार और ज़रूरतमंद लोगों के लिए निस्वार्थ उपचार कर सकें।


ईलाज उतारा 1

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ईलाज उतारा तथा हवन विधि 2

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ईलाज उतारा 1 & 2 पेड साधना ग्रुप की पूरी जानकारी हेतु यहाँ क्लिक करें।।।

यह ग्रुप उन साधकों के लिए है जो आगे चलकर दरबार चलाना चाहते हैं और विभिन्न प्रकार के तंत्र‑दोष, नजर‑बाज़, काला जादू, भूत‑प्रेत बाधा, ग्रह‑पीड़ा आदि को काटना सीखना चाहते हैं। अलग‑अलग केस के लिए अलग‑अलग विद्या, उतारे, ताबीज, हवन‑विधियाँ और तंत्र‑काटने के तरीके सीखाए जाएँगे, ताकि आपके दरबार से कोई भी इंसान खाली हाथ न लौटे।


तिलस्मि साधना ग्रुप 

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तिलस्मि साधना ग्रुप पेड साधना ग्रुप की पूरी जानकारी हेतु यहाँ क्लिक करें।।।

तिलस्मी साधना ग्रुप में आपको मुस्लिम तांत्रिक परंपरा से जुड़ी विशेष शक्तियाँ और क्रियाएँ सिखाई जाएँगी, जिन्हें सामान्यतः बहादुर और तैयार साधकों के लिए उपयुक्त माना जाता है। यह शक्तियाँ भी मूल रूप से शक्ति ही हैं – इनका उद्देश्य केवल बुराई नहीं, बल्कि उचित मार्गदर्शन में भलाई, रक्षा और न्याय के लिए उपयोग करना है; आपका इरादा ही आपके फल और आपकी गति को तय करेगा।


काम्य साधना ग्रुप (17 दुर्लभ काम्य प्रयोग) साधना ग्रुप 

https://mahakalitantra.blogspot.com/2025/07/blog-post.html


काम्य साधना पेड साधना ग्रुप की पूरी जानकारी हेतु यहाँ क्लिक करें।।।

काम्य प्रयोग वे साधना‑प्रक्रियाएँ हैं जिनसे अपना या दूसरों का भला होता है और जो जीवन की व्यावहारिक ज़रूरतों में बहुत काम आती हैं। इस ग्रुप में आपको कुल 17 अत्यन्त दुर्लभ और अब तक काफ़ी हद तक गुप्त रहे काम्य प्रयोग दिए जाएँगे, जो किसी भी तांत्रिक साधक के लिए अनिवार्य टूलकिट की तरह हैं। दंतकाली तंत्र शक्ति साधना संस्थान – काम्य प्रयोग ग्रुप में आपको मुख्य रूप से ये साधनाएँ, मंत्र‑विधि और क्रियाएँ दी जाएँगी:

यात्रा पर जाने के नियम और सुरक्षा‑विधि, वाहन पूजन और उतारा की विधि, मरीज से सही तरीके से बातचीत और case‑study की प्रक्रिया, भूत‑प्रेत का इलाज करने की पूर्व‑तैयारी और विधि, हवन की विधि – मूल ढांचा और तांत्रिक दृष्टि, कुंडलिनी का तंत्र में महत्व और प्रायोगिक समझ, पितरों को गंगाजी नहलाने की विधि, चौकी भेजने की विधि, हनुमान जी का चोला चढ़ाने की विधि, मूर्ति‑स्थापना की विधि, मकान की नींव में क्या रखे, नींव‑पूजन की विधि, दूसरों के लिए (क्लाइंट आदि) काम करने की विधि, बिल्ली की जेर, हस्तजोड़ि, सियार‑सिंगी आदि को सिद्ध करने की विधि, रुद्राक्ष‑माला को त्रिशक्ति कवच बनाने की विधि, ताबीज बनाने की विधि, बंधन खोलने‑बंधने के मंत्र, बंधी कोख खोलने का मंत्र, इन सभी प्रयोगों को सीखकर आप न केवल अपना बल्कि समाज का भी कल्याण कर सकेंगे।



बंगाली स्वयंसिद्ध मंत्र विद्या – पार्ट 1 (इलाज‑काटन मंत्र लिस्ट)  

https://mahakalitantra.blogspot.com/2024/10/blog-post.html

बंगाली स्वयंसिद्ध मंत्र विद्या – पार्ट 1 (इलाज‑काटन मंत्र लिस्ट) पेड साधना ग्रुप की पूरी जानकारी हेतु यहाँ क्लिक करें।।।

इसका मुख्य फोकस है – रक्षा, सुरक्षा, बंदिश, काटन और इलाज से जुड़ी शक्तिशाली बंगाली मंत्र‑साधनाएँ। जो कभी सिद्ध करना नही पडेगा

रक्षा‑सुरक्षा के मंत्र, - शरीर‑सुरक्षा, सुरक्षा‑धागा और यंत्र बनाना, लोहे की कील से घर बंदिश करना, मृत संजीवनी मंत्र, बिल्ली रास्ता काटे तो उपाय, नवग्रह और भूत‑प्रेत दोष नाशक मंत्र, हनुमान जी, माता काली, दुर्गा, शिव, यक्षिणी, पिशाच‑पिशाची आदि की बंदिश‑विद्या, बंदिश करने के मंत्र, रास्ता बाँधने, लक्ष्मी‑बंधन, दुष्ट तांत्रिक की विद्या‑बंधन, मुख‑स्तंभन और दुष्ट शक्तियों के बंधन के मंत्र, सर्व‑बंधिश काटन, फोटो पर किए गए तंत्र‑कर्म का काटन, विद्या‑बंधन क्रिया काटन, अघोर, नागमती, भानुमती आदि विद्या काटने के मंत्र, मारण, वशीकरण, खिलाया‑पिलाया, जादू‑बाण काटने के मंत्र, भुलावा‑चकवा, दैत्य‑शक्ति काटन, बुद्धि‑स्तंभन काटन, नौकरी हेतु मंत्र, मसानी चौकी, श्मशान‑बंधिश, पुतला‑क्रिया, इन्द्र‑वज्र आदि का काटन, काटन के मंत्र, दर्द बंद करने के मंत्र, नज़र उतारने के मंत्र, जानवरों को झाड़ने के मंत्र, मंत्र लॉक हो जाए, तो उसे खोलने का मंत्र, बुखार उतारने, भूत‑प्रेत भगाने, जिन्न भगाने के तेल‑मंत्र आदि मिलंगे जो कभी सिद्ध करना नही पडेगा



बंगाली स्वयंसिद्ध मंत्र विद्या – पार्ट 2 (मारण, वशीकरण, अस्त्र‑मंत्र)  

https://mahakalitantra.blogspot.com/2024/10/blog-post_7.html

बंगाली स्वयंसिद्ध मंत्र विद्या – पार्ट 2 (मारण, वशीकरण, अस्त्र‑मंत्र) पेड साधना ग्रुप की पूरी जानकारी हेतु यहाँ क्लिक करें।।।

यह भाग अधिक उग्र और शक्तिशाली क्रियाओं के लिए है – बंगाली विद्या के पहिला ग्रुप जुड़े बिना यह ग्रुप जुड़ना उचित नही है, बाण‑वापस पलटाना, शत्रु की शक्ति समाप्त करना, अस्त्र‑विद्या, मोहिनी आदि।

बाण वापस पलटाने के मंत्र (शत्रु‑कर्म पलट‑प्रहार), शत्रु की शक्ति समाप्त करने के प्रयोग, काजल‑दर्पण बनाना, दर्पण लगाना, काजल चढ़ाने‑उतारने के मंत्र, यंत्र‑जागृति मंत्र, जमीन का धन पता करने के लिए बंगाली प्रयोग, दो मित्रों में झगड़ा करवाने, स्त्री‑पुरुष विद्वेषण, मित्रों की दुश्मनी खत्म करने के मंत्र, तामसिक मारण‑क्रिया, पुतला‑क्रिया काटने के मंत्र, यात्रा सफल करने, मन‑स्थिरता, गर्भ‑रक्षा, मधुर‑कंठ, बुद्धि‑वृद्धि के मंत्र, बवासीर, स्त्री के दूध न आने, कोर्ट केस जीतने, पितरों को खुश करने के मंत्र, बंगाली मोहिनी, स्त्री‑पुरुष मोहिनी, खतरनाक मोहिनी, चिट्ठी, मोमबत्ती, फोटो से वशीकरण के मंत्र, घर से भागे हुए को वापस बुलाने के मंत्र, लोह‑अस्त्र बुलाने, पन्नग‑अस्त्र, परीघ‑अस्त्र, कुंटा‑अस्त्र, सुदर्शन‑चक्र, शंकु‑बर्छी आदि अस्त्र‑मंत्र, श्मशानी शक्तियों से काम करवाने और दुश्मन के घर पत्थर बरसाने जैसे उग्र प्रयोग मंत्र आदि मिलंगे जो कभी सिद्ध करना नही पडेगा



प्रत्यक्ष प्रशिक्षण, शिविर और सानिध्य

वर्तमान में हम काठमांडू, पशुपतिनाथ में हैं; जो साधक गहराई से सीखना चाहते हैं और जिनके लिए यात्रा सम्भव है, वे यहाँ आकर प्रत्यक्ष रूप से भी सीख सकते हैं।


जब हम भारत आएँगे, तब जिस क्षेत्र से जितने अधिक साधक तैयार होंगे, वहीं पर अगले सानिध्य साधना शिविर की तैयारी की जाएगी, ताकि आपके सामने बैठकर जप‑विधि, हवन, यंत्र‑स्थापना, पाताल‑विद्या, इलाज‑उतारा, तिलस्मी क्रियाएँ, बंगाली विद्या आदि practically सिखाए जा सकें।



आगे आपको क्या करना है

1) अपनी वर्तमान साधना‑स्थिति की पूरी जानकारी लिखकर भेजें – मन‑एकाग्रता, इष्ट‑साधना, अनुष्ठान, जप और आसन‑क्षमता।


2) अपनी एक मुख्य इच्छा साफ़‑साफ़ लिखें – धन, मान‑सम्मान, कलाज्ञान, दरबार‑साधना, वंश‑वृद्धि, पाताल‑विद्या, काला जादू, तिलस्मी विद्या, आयुर्वेद, बंगाली विद्या या अन्य जो भी हो।

 

3) ऊपर दिए गए ग्रुपों में से आप किन‑किन में जुड़ना चाहते हैं, उनकी सूची बनाकर भेजें (वंशवृद्धि, सट्टा, पाताल, लक्ष्मी तंत्र, आयुर्वेद, इलाज‑उतारा, तिलस्मी, काम्य ग्रुप, बंगाली पार्ट 1–2 आदि)। 


4) सच बोलें, कुछ छुपाएँ नहीं, ताकि आपके स्तर के अनुसार ही साधना मिले – न आप पर अधिक भार पड़े, न आपका समय व्यर्थ हो, और साधना भी फलदायी रहे।


जो भी साधक सच‑मुच तैयार हैं, वे अपना नाम, पूरा विवरण, अपनी मुख्य इच्छा और जिन‑जिन ग्रुप में जुड़ना चाहते हैं, उनकी लिस्ट मुझे भेजें।  

फिर अगले चरण से हम सब अपने‑अपने मार्ग पर, आपकी इच्छा और क्षमता के अनुसार, गहराई से आगे बढ़ेंगे।


शुभकामनाएँ।